ISSN: 2277-260X 

International Journal of Higher Education and Research

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वृन्दावन की माटी चंदन — अवनीश सिंह चौहान

vrindavan-ghat-1वृन्दावन की माटी चंदन
माथ लगाते नर-नारी-जन।

 

फूल मनोहर वृक्ष-लताएँ,
गऊ, घाट, यमुना का पानी
परिकम्मा में रमण बिहारी
रुनझुन-रुनझुन राधारानी

 

वृन्दावन का नित अभिनंदन,
प्रेम-मुदित करते तुलसी वन।

 

घर-घर मंदिर, मंदिर में घर
जहाँ विराजें कृष्ण-मुरारी
हरि-चर्चा, पद, भजन-कीर्तन
करते-सुनते भक्त-पुजारी

 

वृन्दावन का शत-शत वंदन
करते साधू-संत-महाजन।


 

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